वायु प्रदूषण के कारण भारतियों के आयु में कमी

air pollutin

# वायु प्रदुषण के कारण भारतियों की औसत जीवन प्रत्याशा (Life Expectancy) औसतन 3.4 वर्ष कम हो गयी है | इस सूची में दिल्ली शीर्ष पर है, जहाँ लोगों की औसत आयु 6.3 वर्ष कम हो जाती है | दिल्ली के बाद इस सूची में पश्चिम बंगाल एवं बिहार का स्थान हैन जहाँ लोगो का वायु प्रदुषण के कारण क्रमशः 6.1 एवं 5.7 वर्ष तक काम हो जाता है |

# इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ ट्रॉपिकल मीटियोरोलॉजी (Indian Institute of Tropical Meteorology – IITM) और नेशनल सेंटर फॉर एटमॉस्फेरिक रिसर्च (The National Center for Atmospheric Research – NCAR) कोलराडो के वैज्ञानिको द्वारा किये गए संयुक्त अध्ययन में यह तथ्य बताया गया है |

# वैज्ञानिको द्वारा जारी किये गए रिपोर्ट “पीएम 2.5 और ओजोन (O3) के कारण भारत में असामयिक मृत्यु” के अनुसार पीएम 2.5 के कारण वर्ष 2011 में 5 ,70,000 लोगो की मृत्यु हुई, जबकि इसी वर्ष ओजोन (O3) के कारण 12,000 लोगो की जान गयी |

# रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली और बिहार के अलावा अन्य राज्यों जैसे झारखंड (5.2 वर्ष), उत्तर प्रदेश एवं उड़ीसा (4.8 वर्ष), हरियाणा और पंजाब (4.7 वर्ष), छत्तीसगढ़ (4.1 वर्ष), असम (4 वर्ष), त्रिपुरा (3.9 वर्ष), मेघालय (3.8 वर्ष), और महाराष्ट्र (3.3 वर्ष ) में भी वायु प्रदुषण के कारण लोगो की आयु कम हो रही है |

# रिपोर्ट के अनुसार पीएम 2.5 के कारण सबसे अधिक असामयिक मृत्यु उत्तर प्रदेश में हो रही है | वर्ष 2011 में पुरे देश में पीएम 2.5 के कारण होने वाले मृत्यु का 15% अकेले उत्तर प्रदेश में हुआ | इसके बाद क्रमशः महाराष्ट्र में 10 प्रतिशत, पश्चिम बंगाल में 9 प्रतिशत, और बिहार में 8 प्रतिशत लोगो की मृत्यु हुई |

# रिपोर्ट में ओजोन के हानिकारक प्रभाव से मरने वाले लोगो पर भी अध्ययन किया गया | इसमें उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 18 प्रतिशत, उसके बाद बिहार में 11 प्रतिशत, पश्चिम बंगाल में 9.5 प्रतिशत और महाराष्ट्र एवं आंध्र प्रदेश में 7 प्रतिशत लोग मरते है | रिपोर्ट के अनुसार सबसे अधिक पीएम 2.5 गाड़ियों से निकलता है |

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